ज्ञान चतुर्वेदी : व्यंग्य समय (Gyan Chaturvedi : Vyangya Samay) Satire
ज्ञान चतुर्वेदी : व्यंग्य समय (Gyan Chaturvedi : Vyangya Samay) Satire
Format : Paperback
Writer : Gyan Chaturvedi
Pages : 174
ISBN :
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'परसाई और शरद जोशी के बाद, हिंदी व्यंग्य-लेखन को कई अर्थों में नई ऊंचाइयां, नई दिशा और नई पहचान देने वाले ज्ञान चतुर्वेदी ने इतना विपुल और बहुआयामी लेखन किया है कि कुछ आलोचक पिछले तीन दशकों के हिंदी व्यंग्य लेखन के वर्तमान समय को “ज्ञान चतुर्वेदी युग' का नाम दे चुके हैं। सात बेहद चर्चित और लोकप्रिय उपन्यास, बारह व्यंग्य-संग्रह, हजार से ज्यादा फुटकर व्यंग्य-लेख और व्यंग्य कथाएं, सालों तक हिंदी के महत्वपूर्ण अखबारों व पत्रिकाओं में नियमित व्यंग्य स्तंभ और बेहद अलग से चर्चित संस्मरण रचकर ज्ञान चतुर्वेदी ने हिंदी साहित्य में न केवल अपना अप्रतिम स्थान बनाया है, बल्कि वर्तमान में सक्रिय युवा पीढ़ी और समकालीन व्यंग्य लेखन को एक नई परंपरा भी सौंपी है। निरंतर कुछ नया, अलग और बेहतरीन लिखना, हर नई रचना में स्वयं के रचनाकर्म को अतिक्रमित करना ही ज्ञान चतुर्वेदी को न केवल हिंदी, वरन विश्व की अन्य भाषाओं के बड़े लेखकों की पंक्ति में महत्वपूर्ण स्थान देता है। परसाई के बाद के हिंदी व्यंग्य को नए तेवर, भाषा, कहन, विषय, प्रयोग और क्राफ्ट से समृद्ध करने वाले ज्ञान चतुर्वेदी ने अपने निरंतर उत्कृष्ट व्यंग्य लेखन (विशेषतौर पर अपने उपन्यासों) द्वारा सिद्ध किया है कि व्यंग्य केवल राजनीतिक विषयों के आसपास मंडराते रहने का ही नाम नहीं है,
