अंतर्मिलन की कहानियां (Antarmilan Ki Kahaniyan) Stories in Hindi
अंतर्मिलन की कहानियां (Antarmilan Ki Kahaniyan) Stories in Hindi
Format : Paperback
Writer : Rangey Raghav
Pages : 320
ISBN : 9788170167075
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प्रस्तुत कहानियाँ मैंने विशाल भारतीय पौराणिक साहित्य में से चुनी हैं। इनको मैंने इसलिए लिखा कि इनमें मुझे इतिहास की बहुत-सी गुत्थियाँ खुलती मिलीं। हमारी संस्कृति में एक ही स्रोत की प्रेरणा नहीं है। महाभारत युद्ध के बाद से गौतम बुद्ध तक, फिर गुप्त वंश से गुप्त सम्राटों के काल तक, निरंतर भारत में जातियों का अन्तर्मिलन चलता रहा। इन दो दौरों में—
पहली बार—आर्य, राक्षस, गंधर्व, यक्ष, किन्नर, नाग, गरुड़, पिशाच, असुर तथा अनेक जातियाँ परस्पर घुल-मिल गईं। इनके मिलने से इनके देवता भी परस्पर मिल गए। विष्णु, शिव, गरुड़, यक्ष, सूर्य, कुबेर, पुलस्त्य, इन्द्र, शक्र इत्यादि भी परस्पर मैत्री भाव से स्थित हुए।
दूसरी बार—भारत में यवन, शक, कुषाण, पहलव इत्यादि जातियाँ आईं, जो भी भारत में घुल-मिल गईं।
यहाँ मैंने पहले दौर के अन्तर्मिलन को प्रकट करने वाली कहानियाँ रखी हैं, जो प्रकट करती हैं कि हिंदू धर्म कितनी व्यापक भूमि पर बना था।
—रांगेय राघव
