{"product_id":"विषाद-मठ-vishad-math-novel-in-hindi","title":"विषाद मठ (Vishad Math) Novel in Hindi","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजब मुगलों का राज्य समाप्त होने पर आया था तब बंगाल की हरी-भरी धरती पर अकाल पड़ा था। उस समय बंकिमचंद्र चटर्जी ने ‘आनंद मठ’ लिखा था। जब अंगरेजों का राज्य समाप्त होने पर आया तब फिर बंगाल की हरी-बरी धरती पर अकाल पड़ा। उसका वर्णन करते हुए मैंने इसीलिए इस पुस्तक को ‘विषाद मठ’ नाम दिया। प्रस्तुत उपन्यास तत्कालीन जनता का सच्चा इतिहास है। इसमें एक भी अत्युक्ति नहीं, कहीं भी जबर्दस्ती अकाल की भीषणता को गढ़ने के लिए कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं। जो कुछ है, यदि सामान्य रूप से दिमाग में, बहुत अमानुषिक होने के कारण, आसानी से नहीं बैठता, तब भी अविश्वास की निर्बलता दिखाकर ही इतिहास को भी तो फुसलाया नहीं जा सकता। ‘विषाद मठ’ हमारे भारतीय साहित्य की महान् परंपरा की एक छोटी-सी कड़ी है। जीवन अपार है, अपार वेदना भी है, किंतु यह श्रृंखला भी अपना स्थायी महत्त्व रखती है। -रांगेय राघव\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"रांगेय राघव","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48362590109863,"sku":null,"price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/vishad_1.png?v=1775628697","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%a0-vishad-math-novel-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}