{"product_id":"रवीन्द्रनाथ-त्यागी-व्यंग्य-समय-ravindernath-tyagi-vyangya-samay-satire","title":"रवीन्द्रनाथ त्यागी : व्यंग्य समय (Ravindernath Tyagi : Vyangya Samay) Satire","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eरवीन्द्रनाथ त्यागी का रंग व्यंग्य में सबसे निराला है। उनका अध्ययन व्यापक था। स्मृति अच्छी होने से संदर्भ सामने रहते थे। संदर्भों को प्रसंग देकर रचने की विलक्षण योग्यता उनके पास थी। यही कारण है कि त्यागी के व्यंग्य पढ़ते हुए पाठक को आनंद के साथ ज्ञान भी उपलब्ध होता है। बतरस इतना है कि गांव की गोरी पर लिखते हुए प्राकृत से लेकर पेरिस तक अभिव्यक्ति का विस्तार हो सकता है। व्यंग्य में सहज हास्य के वे आचार्य हैं। दफ्रतरशाही, शृंगार, प्रकृति और अद्भुत तथ्य–प्रायः इन क्षेत्रों से वे विषय चुनते हैं। संस्कृत और अन्य भाषाओं से उद्धरण देते हुए त्यागी व्यक्तिगत समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय प्रश्नों तक बात करते हैं। कई बार लगता है कि उनके लेखन का उद्देश्य निर्मल हास्य की सृष्टि करना है। यह कठिन काम उन्होंने सरलता से किया है। हास्य में आ जाने वाली दुराग्रही वृत्ति उनके लेखन में नहीं है। वे सिद्धांतो से नहीं, आसपास के तथ्यों या व्यक्ति वैचित्रय से हास्य के क्षण निर्मित करते हैं। ‘व्यंग्य समय’ में रवीन्द्रनाथ त्यागी के चयनित व्यंग्य उनके विस्तृत व्यंग्य लेखन से कुछ उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। पाठकों को रचनाकार को समग्रता में पढ़ने और पुनः पाठ के लिए प्रेरित करने का उद्देश्य भी इस उपक्रम में निहित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"रवीन्द्रनाथ त्यागी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48224247316647,"sku":null,"price":295.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/manohar_1.png?v=1774507799","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%af-ravindernath-tyagi-vyangya-samay-satire","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}