{"product_id":"युगदृष्टा-शिवाजी-yugdrishta-shivaji-historical-novel-biography","title":"युगदृष्टा शिवाजी (Yugdrishta Shivaji) Historical Novel, Biography","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eराष्ट्रकवि ने खूब कहा है— ‘राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है। कोई कवि बन जाए सहज संभाव्य है।।’ महापुरुषों की हार्दिकता से गायी गई गाथा सदैव आनंददायी है। मध्ययुग में रूढि़वादिता और धर्मांधता के छाए घने अंधेरे के बीच शिवाजी ने मानव स्वतंत्रता का जो दीप जलाया था, वह आज भी प्रज्वलित है। हमें धीरज बंधता है कि देर है, अंधेर नहीं। सुहानी सुबह उजाला लाएगी और हम तन-मन से, बंधनमुक्त होंगे। आधुनिक युग को लें। लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने उद्घोष किया था—‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।’ उन्होंने शिवाजी जयंती पर बृहत् आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता करते हुए स्वामी विवेकानंद ने शिवाजी को, उचित ही, देश का महानायक कहा था। यह उपन्यास शिवाजी के प्रेरक व्यक्तित्व और कृतित्व की गाथा कहता है। कथा इतिहास पर आधरित है, इसे बयान करने में उपन्यासकार की कल्पना की उतनी ही भूमिका है, जितनी शुद्ध सोने में लगे टांके की, जो उसे गहने में ढालती है। उपन्यास पढ़ देखिए। रोचक कथा। गतिमय शैली।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"शशिभूषण सिंहल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48392365736103,"sku":null,"price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/shivaji.png?v=1775968948","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-yugdrishta-shivaji-historical-novel-biography","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}