{"product_id":"मेरे-मित्र-कुछ-महिलाएं-कुछ-पुरुष-mere-mitra-kuchh-mahilayen-kuchh-purush-memoir","title":"मेरे मित्र : कुछ महिलाएं कुछ पुरुष (Mere Mitra : Kuchh Mahilayen Kuchh Purush) Memoir","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रस्तुत पुस्तक के विषय-व्यक्तित्व मैंने बिना कसी तरतीब के चुने है । इनमें भी वे महिलाएँ और पुरुष विशेष है, जिनसे कि 60 और 70 के दशकों में मेरी दोस्ती हुई । अपने बारे में मेरे इन उद्गारों को पाकर कुछ तो इतने नाराज हुए कि उनसे बोलचाल ही बंद हो गई, पर कुछ खुश भी हुए । उन्होंने माना के उनके प्रति मैंने अपने स्नेह का ही इजहार किया है । कुछ ऐसे भी है, जिन्होंने अपने बारे में मेरे लिखे को पढ़ने की जहमत उठाना भी गवारा नहीं किया और कहा कि मैं उनके बारे में चाहे जो सोचता रहूँ उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है । पर अब आप ही बताएं कि उनके बारे में मेरा यह लिखना किसी काम का है या नहीं । -खुशवंत सिंह\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"खुशवंत सिंह","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48195689971879,"sku":null,"price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/meremitra_1.png?v=1774415962","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b7-mere-mitra-kuchh-mahilayen-kuchh-purush-memoir","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}