{"product_id":"मेरा-मोबाइल-तथा-अन्य-कहानियां-mera-mobile-tatha-anya-kahaniyan","title":"मेरा मोबाइल तथा अन्य कहानियां (Mera Mobile Tatha Anya Kahaniyan","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदक्षिण अफ्रीका में रेलयात्रा के समय गांधी जी रस्किन का उपन्यास ‘अन टू द लास्ट’ पढ़ रहे थे। अंगूर के बाग में काम करने वाले मजदूरों के एक छोटे से कथा प्रसंग की चर्चा ‘सर्मन ऑफ़ द माउंट’ के आधार पर रस्किन ने अपने उपन्यास में की है। इस प्रसंग ने बापू को द्रवित किया। किस्सा यह है कि अंगूर के बाग में कुछ मजदूर काम के लिए बुलाए गए थे, कुछ मजदूरों को सुबह ही काम पर रख लिया गया व कुछ को तीन घंटे बाद बुलाया गया। लेकिन शाम को जब बाग के मालिक ने मजदूरी बांटी तो सबको एक बराबर पैसे दिए। पहले काम पर लगे मजदूरों को यह बात खटकी तब मालिक ने समझाया कि भले ही ये मजदूर देर से काम पर लगे, किंतु मजदूरी की आशा में ये सुबह से ही खड़े थे, मैंने इन्हें देर से काम पर लगाया, पर आखिर इनका हक तो बराबर का है। पारुल को यह प्रसंग याद आ गया और उसने सोचा, जब चंद्रकला मेरे यहां काम करती है तब इसके दुःख में मुझे भी भागीदार बनना चाहिए। यदि मैं अपने एक महीने की ट्यूशन की आधी कमाई इसे देकर इस के नुकसान की भरपाई कर देती हूं तब यह कितनी प्रसन्न हो जाएगी। मुझे तो अधिक अंतर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जिम्मेदारियां तो सब समाप्त हो गई हैं, वैसे भी आशीष और उसे कितना चाहिए, उनका तो अब थोड़े में ही गुजारा चल जाता है।-(इसी संग्रह की कहानी ‘थोड़ी सी खुशी ’से)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"अनुसूया त्यागी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48195914596519,"sku":null,"price":185.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/meramobile.png?v=1774419488","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-mera-mobile-tatha-anya-kahaniyan","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}