‘महायात्रा गाथा’ (4 खंड ) / Mahayatra Gatha ( 4 Vols.) Historical Fiction, Bestseller
‘महायात्रा गाथा’ (4 खंड ) / Mahayatra Gatha ( 4 Vols.) Historical Fiction, Bestseller
Format : Paperback
Writer : Rangey Raghav
Pages : 1654
ISBN : 9789380707938
Couldn't load pickup availability
‘महायात्रा गाथा’ मानव इतिहास की उस दीर्घ यात्रा को प्रस्तुत करती है, जिसकी शुरुआत प्रागैतिहासिक काल से मानी जाती है—लगभग 5000 ई.पू. से भी पहले, जब मानव ने प्रकृति के बीच अपना अस्तित्व गढ़ना शुरू किया।
इन्द्र से मांधाता (5500 ई.पू. से 3500 ई.पू.) और मांधाता से जनमेजय (3500 ई.पू. से 1500 ई.पू.) तक की यात्रा मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास, संघर्ष और सामाजिक संरचना को दर्शाती है।
जनमेजय से अजातशत्रु (1500 ई.पू. से 600 ई.पू.) और फिर अजातशत्रु से हर्षवर्धन (600 ई.पू. से 700 ई.) तक आते-आते इतिहास अधिक स्पष्ट और संगठित रूप लेने लगता है।
हर्षवर्धन से पृथ्वीराज चौहान (700 ई. से 1200 ई.) तक का काल भारतीय संस्कृति, राजनीति और युद्धों के उत्कर्ष का प्रतीक है।
यह संपूर्ण यात्रा केवल घटनाओं का वर्णन नहीं, बल्कि मनुष्य के बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का जीवंत चित्रण है।
रांगेय राघव ने इस कृति में इतिहास को केवल तथ्य नहीं, बल्कि एक प्रवाहमान कथा के रूप में प्रस्तुत किया है।
इस प्रकार ‘महायात्रा गाथा’ मानव सभ्यता के उद्भव से लेकर उसके उत्कर्ष तक की कालजयी ऐतिहासिक गाथा बन जाती है।
