{"product_id":"महात्मा-गाँधी-मेरे-पितामह-2-खंड-mahatma-gandhi-mere-pitamah-2-vol-history-biography","title":"महात्मा गाँधी : मेरे पितामह ( 2 खंड) \/ Mahatma Gandhi : Mere Pitamah (2 Vol.) History, Biography","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003e इतना महान् व्यक्तित्व संभवत: विश्व में कोई दूसरा नहीँ था । उनके अवसान के पश्चात उनका विशाल स्वरूप धुँधलाया नहीं, बल्कि और प्रखर, और अधिक प्रासंगिक होकर उभरा । अतीत के गांधी की अपेक्षा आज का गांधी अधिक व्यापक एव विराट, है । हिंसा की आग में झुलसते, आज के इस भयाक्रांत वानावरण में गांधी की आवश्यकता अधिक गहराई से अनुभव की जा रही है । आँखों देखे ये वृत्तांत स्मृतियों के जीवत कालखंड भी है । इनमें राजनीतिक हलचलें हैं तो आत्मीयता यानी अपनेपन में पगी अविस्मरणीय, दुर्लभ घटनाएँ भी । सूमित्रा जी साक्षी रहीं उस परिवर्तन के दौर की, इसलिए उनकी दृष्टि व्यापक एवं विस्तृत रही । उन्होंने सीमित दायरे के बावजूद असीमित परिधि को छुआ है । इसलिए गांधी जी को समझने में यह कृति हर अर्थ में सहायक सिद्ध होगी । उस दौर में विश्व में क्या-क्या हुआ, उसका सहज आकलन भी इनमें दीखता है । 'जलियाँवाला बाग़' नरसंहार के दिल को दहला देने वाले दृश्य ! डेढ़ हजार से अधिक निर्दोष लोग भून दिए गए । जनरल डायर की इस दानवीय लीला ने सारे देश को स्तब्ध कर दिया था । 'साबरमती आश्रम' गांधीवादी विचारों की प्रयोगशाला बना । चंद्रभागा और साबरमती नदी के बीच, बबूल की कँटीली झाडियों कै पार्श्व में एक नए संसार की साधना हुई-खुले आसमान के नीचे । 'चंपारण', 'खेड़ा सत्याग्रह', 'साइमन कमीशन', 'नोआखली', 'बिहार को कौमी आग' अनेक प्रसंग हैं, जो अनेक अर्थों से उल्लेखनीय है । सुमित्रा जी ने गांधी जी के उन पक्षों पर भी प्रकाश डाला, जो महत्त्वपूर्ण है, जिनके बारे में लोग अधिक नहीं जानते । क्योंकि उन्होंने यह सब स्वयं घटित होते देखा है, इसलिए प्रामाणिक भी कम नहीं । (इस पुस्तक की लेखिका सुमित्रा कुलकर्णी महात्मा गाँधी जी की पौत्री हैं।)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"सुमित्रा गाँधी कुलकर्णी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51324787916967,"sku":null,"price":1000.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/GandhibookShopify.png?v=1789038991","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b9-2-%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-mahatma-gandhi-mere-pitamah-2-vol-history-biography","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}