बोल री कठपुतली (Bol Ri Kathputli) Stories in Hindi
बोल री कठपुतली (Bol Ri Kathputli) Stories in Hindi
Format : Paperback
Writer : Malti Joshi
Pages : 112
ISBN :
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भारतीय नारी हमेशा ही लेखकों का प्रिय विषय रही है। मध्य युग की नारी का इतिहास शोषण-अनाचार और अत्याचार का इतिहास है। पुरुष की ‘पाशविक बर्बरता की कहानी है। आधुनिक काल में चित्र कुछ बदला तो है। शिक्षा के प्रसार ने इतना तो किया है कि नारी को अपने प्रति होने वाले अन्यास की चेतना दी है। अपनी पीड़ा को मुखर करने की क्षमता दी है, पर फिर भी औरत आज भी दर्द और आँसुओं की तस्वीर है। नई चेतना ने उसके मानसिक क्षितिज को विस्तार तो दिया है, पर उसके पैर अब भी रसोई की चौखट में कैद हैं। उसकी आकांक्षाओं को पंख तो मिल गए हैं, परंतु परिवार की लक्ष्मण रेखा अब भी उसका मार्ग अवरुद्ध किए हुए है। मजबूरी में ही सही, हमने बेटी की, बहू की कमाई खाना शुरू किया था। पर अब तो उसका स्वाद ऐसा लग गया है कि हम अपने स्वार्थ के आगे उसकी सुख-सुविधा, आशा-आकांक्षाओं को भी भूल गए हैं। वह हमारे लिए पैसा कमाने वाली मशीन-भर रह गई है। उसकी कमाई पर हमारा हक है। पर उसके अधिकारों को लेकर हम अब भी मध्य युग की नीतियाँ अपना रहे हैं। मैंने समाज में व्याप्त इन्हीं विसंगतियों को अपनी कहानियों में पिरोने का प्रयत्न किया है। -मालती जोशी
