{"product_id":"पहाड़नामा-pahadnama-novel-in-hindi","title":"पहाड़नामा (Pahadnama) Novel in Hindi","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003e‘माटूहमरु, पाणी हमरु, हमरा ही छन भिबौणभि... पितरों ने लगाई बौण, हमुन ही तो बचौणभि... ’ (मिट्टी हमारी, पानी हमारा, हमारे हैं ये जंगल। हमारे पूर्वजों ने इन जंगलों को पोसा, अब हमें ही इनकी रक्षा करनी है) ---अब मुद्दा यही है कि बांध जरूरी है या नहीं? -यह कुदरत की अवहेलना या अनादर है? या मानव के जीवन के विकास की एक प्रक्रिया और आवश्यकता? -क्या हम पहाड़ खत्म करके किसी अनिष्ट को न्योता दे रहे हैं? -डूबे हुए गांवों पर झील बनाकर वहां नाव चलाना क्या हमारी आंखों में आंसू नहीं ले आता? -सालों पुराने पेड़ों का कत्ल कर देना कहां की मानवीयता है? -क्या सच में कुछ लोग बिना अनुदान के रह जाते हैं? -क्या हम इन लोगों पर अत्याचार करते हैं? -क्या बड़े बांध बनाना ही जरूरी है? -रन ऑफ रिवर से परहेज क्यों? सबसे अहम सवाल-क्या विकास सच में हमें तोड़ देता है? -इसी उपन्यास से\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"अनिता सभरवाल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48188675129511,"sku":null,"price":235.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/pahadnama.png?v=1774323152","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be-pahadnama-novel-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}