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पर्वत गाथा (Parvat Gaatha)The Saga of the Mountains, History

पर्वत गाथा (Parvat Gaatha)The Saga of the Mountains, History

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Regular price ₹ 650.00 Sale price ₹ 450.00
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Format : Paperback

Writer : Hari Krishna Devsare

Pages : 334

ISBN : 9788188121991

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पर्वतों और मनुष्य का रिश्ता आदिकाल से चला आ रहा है। पर्वतों पर उगने वाले वन, उनसे प्राप्त होने वाले खनिज, वनोपज आदि मनुष्य के उपयोग की वस्तुएँ रही हैं। आज भी आदिवासी और गाँवों के लोग वनोपजों से अपनी जीविका अर्जित करते हैं। पर्वतों के जंगलों से लकड़ी मिलती है। पर्वतों से देश की जलवायु अत्यधिक प्रभावित होती है। यदि भारत के उत्तर में हिमालय न होता तो मानसूनी हवाएँ सीधे मध्य तथा उत्तरी एशिया में पहुँचकर पानी बरसातीं और भारत एक रेगिस्तान बन जाता। हिमालय पर्वत सर्दियों में उत्तरी एशिया से आने वाली बेहद ठंडी हवाओं से भी भारत की रक्षा करता है। पर्वत मनुष्य के जीवन में विभिन्न रूपों में जुड़े रहे हैं और उनका महत्त्व आज भी है। ‘महानता’ के अर्थ में ‘पर्वत’ के अलावा कोई दूसरी उपमा नहीं दी जाती। आज मनुष्य ने पर्वतों को काटकर रास्ते बनाने में सफलता पा ली है। जीवन में सफलता की ऊँचाइयों की तुलना पर्वत शिखरों से की गई है। हमारे देश में अनेक गौरवशाली पर्वत हैं और उनके प्रति लोगों में अटूट आस्था है। उन पर्वतों पर लोग पूजा करते हैं, मेले लगते हैं और मन की मुराद पूरी करते हैं। भारत के ऐसे ही पूज्य, गौरवशाली, इतिहास- प्रसिद्ध और धार्मिक आस्था के प्रतीक पर्वतों की गाथा है यह पुस्तक।

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