{"product_id":"नोबेल-पुरस्कार-विजेताओं-की-51-कहानियाँ-nobel-puraskar-vijetaon-ki-51-kahaniyan-stories-in-hindi","title":"नोबेल पुरस्कार विजेताओं की 51 कहानियाँ (Nobel Puraskar Vijetaon Ki 51 Kahaniyan) Stories in Hindi","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसाहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की महत्ता सर्व-स्वीकृत है, क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, एक राष्ट्र का सम्मान होता है। साहित्य के क्षेत्र में सन् 1901 से 2005 तक 98 पुरस्कार दिए जा चुके हैं और पुरस्कृत साहित्यकारों में कवि भी हैं, कथाकार भी, दार्शनिक भी हैं और इतिहासकार भी। लेकिन मेरी यह निश्चित धारणा है कि इन रचनाकारों में जो कथाकार रहे हैं, उन्होंने पूरे विश्व पर अपना एक अलग प्रभाव छोड़ा है और उनकी कथाकृतियाँ सर्वाधिक चर्चित, प्रशंसित होती रही हैं। इस पुस्तक में यह प्रयास है कि इन कथाकारों की कुछ श्रेष्ठ कहानियाँ एक साथ उपलब्ध हो सकें। इन कहानियों को पढ़ने के बाद सहज ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि विश्व के इन श्रेष्ठ और समर्थ रचनाकारों के पास कैसी वैचारिक दृष्टि या रचना-शैली थी या है। और यह भी अनोखी बात इन कहानियों के माध्यम से हमारे सामने आती है कि अलग-अलग देशों के अलग-अलग रचनाकारों की वैचारिक दृष्टि भले ही अलग हो, किंतु मानवीय संवेदनाओं के, मूल्यों के, जीवन के प्रति गहरी आस्था और विकास के वे एक जैसे पक्षधर हैं और शायद यही इनकी श्रेष्ठता का कारण है, मापदंड है। इस पुस्तक की अनिवार्यता और महत्ता को मैं इसी दृष्टि से स्वीकारता हूँ और शायद आप भी स्वीकारेंगे।- संपादक\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"संपादक - सुरेन्द्र तिवारी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48392255275175,"sku":null,"price":550.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/nobel_1.png?v=1775967852","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-51-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81-nobel-puraskar-vijetaon-ki-51-kahaniyan-stories-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}