{"product_id":"दोहरा-अभिशाप-dohra-abhishaap-novel-in-hindi","title":"दोहरा अभिशाप (Dohra Abhishaap) Autobiographical Novel in Hindi","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदलित साहित्य के आम उपन्यासों की तरह बैसंत्री का यह उपन्यास भी आत्मकथात्मक है; लेकिन कई अन्य बातों में यह आम दलित साहित्य के उपन्यासों से भिन्न है । यह उपन्यास लेखिका के लंबे, संघर्षपूर्ण, कड़वे-मीठे अनुभवों से भरे जीवन के एक सिंहावलोकन के रूप में लिखा गया है अत: यह आत्मरति या आत्मपीड़न से उत्प्न्न उन स्तब्धकारी प्रभावों से मुक्त है जो आम तौर पर दलित साहित्य की रचनाओं में पाए जाते हैं । इसमें ऐसे प्रसंग नहीं है कि पाठक क्रोध, घृणा और जुगुप्सा के भावों से भर जाए या दाँतों तले अंगुली दबाकर रह जाए । यह एक सीधी-सादी जीवन-कथा है जो हर प्रकार के साहित्यिक छलों से मुक्त है । घोर-से-घोर परिस्थितियों में भी आदमी अपने लिए एक सुरक्षित नीड़ का निर्माण कर लेता है । इस नीड़ का निर्माण वे प्रेम से कस्ते हैं-बच्चों का प्रेम, माता-पिता का प्रेम, मित्रों और परिवारजनों का प्रेम, अनजान व्यक्तियों का प्रेम और कुल मिलाकर जिंदगी से प्रेम । इस प्रेम के बिना कोई जी नहीं सकता । यह जिंदगी का कारण भी है और उसकी सार्थकता भी । इसलिए यह कहना कि दलितों के जीवन में और होता ही क्या है, इकतरफा और जल्दबाजी का वक्तव्य है ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"कौसल्या बैसंत्री","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48242598772903,"sku":null,"price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/dohrapb_1.png?v=1774684854","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%aa-dohra-abhishaap-novel-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}