{"product_id":"कशमकश-kashmakash-novel-in-hindi","title":"कशमकश  (Kashmakash) Novel in Hindi","description":"\u003cp data-start=\"0\" data-end=\"526\"\u003eबचपन से लेकर जवानी तक संचिता ने अपनी चाहतों को दबाया था... अचानक सपनों का राजकुमार आया तो, मगर हकीकत में उसकी दुनिया को रौंदता चला गया। वो किस हद तक बर्दाश्त करती, विद्रोह कर बैठी... विद्रोह नहीं, अपनी सुरक्षा और बेटी के भविष्य के लिए भाग खड़ी हुई। वो संस्कारों की जंजीरों से बंधी तो है मगर उसमें भी आत्मसम्मान है। वो लड़ना नहीं चाहती थी, न ही जानती थी, लेकिन समय के हाथों मजबूर है। पढ़ी-लिखी व समझदार, आदर्श पत्नी बनने की कोशिश में एक सीमा तक समर्पण को भी तैयार, मगर जब मानव ने उसी लक्ष्मणरेखा को लाँघ दिया तो वो क्या करती...\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"528\" data-end=\"806\"\u003eऔर फिर उसने संघर्ष किया, दुनिया से लड़ी, अपनों को सहा, समाज के नियमों को नारी के पक्ष में किया, सिर्फ इसलिए कि बेटी का जीवन सफल, सुखमय और शीर्ष पर हो... वो और आगे बढ़े... मगर वो इन शब्दों के अर्थों को यथार्थ में परिभाषित नहीं कर पाई... और फिर सब कुछ अपने हाथों में भी तो नहीं...\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"808\" data-end=\"955\"\u003eउसने पति को जिन कारणों से छोड़ा था, बेटी उसी राह पर चलती दिखाई दी... जीवन के हर मोड़ पर उजाले की तलाश में भटकती संचिता के लिए यह अंतिम अँधेरा था...\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"957\" data-end=\"1206\"\u003eबेटी गैसू, आने वाली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती एक स्वतंत्र युवती, ...सफल है, उसके पास पैसा व नाम है तो उसके अपने आदर्श और अपनी सोच व समझ भी है... उसकी अपनी इच्छाएँ हैं तो फिर भूल भी तो विशिष्ट होंगी... माँ के दर्द को भी अपने नज़रिए से ही देख पाई थी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"1208\" data-end=\"1353\" data-is-last-node=\"\" data-is-only-node=\"\"\u003eअंत में प्रगतिशील माँ के आदर्श, बेटी की जीवनशैली से उलझ गए। जीवनभर हर कशमकश का मजबूती से मुकाबला करती संचिता इस अंतर्विरोध को झेल न सकी और तभी...\u003c\/p\u003e","brand":"मनोज सिंह","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50468070588583,"sku":null,"price":425.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/kashmkash.png?v=1780048132","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b6-kashmakash-novel-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}