{"product_id":"अंतर्मिलन-की-कहानियां-antarmilan-ki-kahaniyan-stories-in-hindi","title":"अंतर्मिलन की कहानियां  (Antarmilan Ki Kahaniyan) Stories in Hindi","description":"\u003cp data-start=\"66\" data-end=\"410\"\u003eप्रस्तुत कहानियाँ मैंने विशाल भारतीय पौराणिक साहित्य में से चुनी हैं। इनको मैंने इसलिए लिखा कि इनमें मुझे इतिहास की बहुत-सी गुत्थियाँ खुलती मिलीं। हमारी संस्कृति में एक ही स्रोत की प्रेरणा नहीं है। महाभारत युद्ध के बाद से गौतम बुद्ध तक, फिर गुप्त वंश से गुप्त सम्राटों के काल तक, निरंतर भारत में जातियों का अन्तर्मिलन चलता रहा। इन दो दौरों में—\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"412\" data-end=\"666\"\u003eपहली बार—आर्य, राक्षस, गंधर्व, यक्ष, किन्नर, नाग, गरुड़, पिशाच, असुर तथा अनेक जातियाँ परस्पर घुल-मिल गईं। इनके मिलने से इनके देवता भी परस्पर मिल गए। विष्णु, शिव, गरुड़, यक्ष, सूर्य, कुबेर, पुलस्त्य, इन्द्र, शक्र इत्यादि भी परस्पर मैत्री भाव से स्थित हुए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"668\" data-end=\"756\"\u003eदूसरी बार—भारत में यवन, शक, कुषाण, पहलव इत्यादि जातियाँ आईं, जो भी भारत में घुल-मिल गईं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"758\" data-end=\"889\"\u003eयहाँ मैंने पहले दौर के अन्तर्मिलन को प्रकट करने वाली कहानियाँ रखी हैं, जो प्रकट करती हैं कि हिंदू धर्म कितनी व्यापक भूमि पर बना था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"891\" data-end=\"903\"\u003e—रांगेय राघव\u003c\/p\u003e","brand":"रांगेय राघव","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48243101597863,"sku":null,"price":300.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0745\/2131\/3447\/files\/antarmilan.png?v=1774590211","url":"https:\/\/amarsatyaprakashan.com\/products\/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-antarmilan-ki-kahaniyan-stories-in-hindi","provider":"अमरसत्य","version":"1.0","type":"link"}